📅 तारीख: 26 अक्टूबर 2025 | ✍️ लेखक: Ajay Verma
दुर्ग जिले में 70 महिलाओं को राजमिस्त्री के काम पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह पहल महिलाओं को निर्माण-कार्य में सक्रिय भागीदार बनाने और उनके कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को निर्माण क्षेत्र के तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव से लैस करना है। इससे वे न केवल रोजगार के अवसर पा सकेंगी बल्कि समाज में अपनी भूमिका और सशक्तिकरण को भी बढ़ा सकेंगी।
प्रशिक्षण में क्या शामिल है?
- राजमिस्त्री के बुनियादी तकनीकी कार्य जैसे ईंट-पत्थर का काम और मिक्सिंग।
- निर्माण सामग्री की पहचान और सही उपयोग।
- सुरक्षा उपाय और उपकरणों का सही उपयोग।
- स्थानीय भवन निर्माण मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण की जानकारी।
महिलाओं के लिए लाभ
- स्व-रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसर।
- निर्माण उद्योग में सक्रिय और सम्मानजनक भूमिका।
- समुदाय में कौशल आधारित पहचान और सशक्तिकरण।
- अन्य महिलाओं को प्रेरित करना और समान अवसरों के लिए जागरूक करना।
प्रशासन और संस्था की भूमिका
स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षण संस्था मिलकर महिलाओं को यह प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। प्रशिक्षक और अनुभवी राजमिस्त्री महिलाओं को वास्तविक कार्यस्थल पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रहे हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और स्थानीय कार्यक्रमों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी समय और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। लेखक/वेबसाइट किसी भी आर्थिक या प्रशासनिक निर्णय के परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।
लेख प्रकाशित: 26 अक्टूबर 2025 · लेखक: Ajay Verma











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