लेखक: अजय वर्मा
धमतरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशनकार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य हो गया है। जिन लाभार्थियों ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके नाम राशनकार्ड से ब्लॉक किए जा रहे हैं। इस कारण जिले में 8,811 लोगों को राशन नहीं मिल पाया है, जिससे कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ई-केवाईसी नहीं कराने से बढ़ी समस्या
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारकों ने अब तक आधार से ई-केवाईसी नहीं कराई है। शासन के निर्देशों के तहत ऐसे लाभार्थियों के नाम अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर राशन वितरण व्यवस्था पर पड़ा है और हजारों लोग तय समय पर अनाज नहीं ले पा रहे हैं।
करीब 5,000 सदस्यों के नाम काटे गए
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 5,000 सदस्यों के नाम राशनकार्ड से हटाए जा चुके हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी ई-केवाईसी लंबे समय से लंबित थी या जिनकी जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। विभाग का कहना है कि यह कदम फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को हटाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
खाद्य विभाग की अपील
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राशनकार्ड धारकों से जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है। इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों, जनसेवा केंद्रों और संबंधित कार्यालयों में सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी पूरी होते ही पात्र लाभार्थियों का राशन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कई लोगों को तकनीकी जानकारी की कमी और संसाधनों के अभाव में ई-केवाईसी कराने में दिक्कत आ रही है। नेटवर्क समस्या और जानकारी के अभाव के कारण कई हितग्राही समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। इससे ग्रामीण गरीब परिवारों पर ज्यादा असर पड़ा है।
पारदर्शिता लाने की कोशिश
प्रशासन का कहना है कि ई-केवाईसी अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगे।
जल्द समाधान का आश्वासन
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जिन लोगों का नाम गलती से ब्लॉक हुआ है या जिनकी ई-केवाईसी में तकनीकी समस्या आ रही है, उनके लिए जल्द समाधान निकाला जाएगा। इसके लिए विशेष शिविर भी लगाए जाने की संभावना है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते प्रक्रिया पूरी कर सकें।
डिस्क्लेमर: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और खाद्य विभाग से संबंधित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। राशनकार्ड, ई-केवाईसी और लाभार्थियों से जुड़ी स्थिति समय के साथ बदल सकती है। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित खाद्य विभाग या आधिकारिक सूचना को ही प्रामाणिक माना जाए।













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