दिनांक: 29 दिसंबर 2025
लेखक: Ajay Verma
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Bharatmala परियोजना से जुड़े भूमि भुगतान मामले में राइपुर और महासमुंद जिले में कुल 9 स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। ED को संदेह है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

Bharatmala परियोजना क्या है?
Bharatmala परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का तेज़ी से विकास करना है। इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाता है और प्रभावित किसानों व भूमि मालिकों को मुआवजा दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में भी इस परियोजना के अंतर्गत कई सड़क परियोजनाएं चल रही हैं।
ED की छापेमारी किन जगहों पर हुई?
सूत्रों के अनुसार, ED की टीमों ने राइपुर और महासमुंद में सरकारी अधिकारियों, भूमि दलालों और कुछ निजी व्यक्तियों से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे। इन स्थानों पर दस्तावेज़, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य खंगाले गए। कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
भूमि मुआवजे में अनियमितताओं का आरोप
जांच एजेंसी को शक है कि Bharatmala परियोजना के तहत कुछ मामलों में भूमि का मूल्य जानबूझकर बढ़ाकर दिखाया गया, जबकि वास्तविक भूमि मालिकों को कम मुआवजा मिला। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए मुआवजे की राशि गलत खातों में ट्रांसफर की गई। इस कथित घोटाले में बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
ED की इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ राजनीतिक नेताओं का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी अधिकारियों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ED को ठोस सबूत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में पूछताछ, समन और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। यह मामला न केवल Bharatmala परियोजना, बल्कि भविष्य की भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं पर भी प्रभाव डाल सकता है।
कुल मिलाकर, Bharatmala प्रोजेक्ट से जुड़ी यह जांच छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
Disclaimer:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। लेखक या वेबसाइट किसी भी कानूनी दावे, नुकसान या निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगी। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।











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