रायपुर में गंगरेल बांध प्रभावितों का आंदोलन तेज़

रायपुर में गंगरेल बांध प्रभावितों का आंदोलन तेज़

दिनांक: 27 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गंगरेल बांध के डूब प्रभावितों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने पिछले पांच वर्षों से लंबित पुनर्वास और व्यवस्थापन की मांग को लेकर पैदल मार्च और विधानसभा घेराव की घोषणा की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

पुनर्वास और मुआवजे की मांग

डूब प्रभावित परिवारों का आरोप है कि बांध निर्माण के कारण उनकी जमीन और मकान जलमग्न हो गए, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं समय पर नहीं मिलीं। कई परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

प्रभावितों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित पैकेज का पूरा लाभ उन्हें नहीं मिला और कई मामलों में प्रक्रिया अधूरी रह गई है।

पैदल मार्च और विधानसभा घेराव की तैयारी

आंदोलन समिति के सदस्यों ने बताया कि वे रायपुर तक पैदल मार्च करेंगे और विधानसभा का घेराव कर अपनी मांगों को सरकार तक सीधे पहुंचाएंगे। इसके लिए विभिन्न गांवों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

सरकार का पक्ष

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा की जा रही है और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया और पात्रता जांच के कारण देरी हुई है।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि किसी प्रभावित परिवार को अब तक लाभ नहीं मिला है तो उसकी शिकायत दर्ज कर समाधान किया जाएगा।

स्थायी समाधान की मांग

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि स्थायी बसाहट, रोजगार और शिक्षा जैसी सुविधाएं भी चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

आने वाले दिनों में यह आंदोलन प्रदेश की राजनीति और प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।


Disclaimer: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और आंदोलन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयान और प्रशासनिक अपडेट की पुष्टि अवश्य करें।

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