धमतरी, 4 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते जिले के चार प्रमुख बाँध — गंगरेल, मुरूमसिली, न्यू रूद्री और सोंडूर — अपने पूर्ण जल स्तर तक पहुँच गए हैं। इस कारण जलाशयों से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि बाँधों की संरचना पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े।

जिला प्रशासन के अनुसार, गंगरेल बाँध से शनिवार सुबह लगभग 55,000 क्यूसक पानी छोड़ा गया है। इसके साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी जारी कर दी गई है। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
सिचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश की मात्रा में बढ़ोतरी के चलते बाँध के गेट धीरे-धीरे खोले जा रहे हैं, ताकि पानी का स्तर संतुलित रहे। इस दौरान बचाव दल और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं।
निचले इलाकों में सतर्कता
धमतरी के कई इलाकों जैसे गंगरेल, कुरूद, नगरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की अपील
कलेक्टर ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे नदी या नालों के पास जाने से बचें और बच्चों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें।
गंगरेल बाँध का महत्व
गंगरेल बाँध (रविसागर परियोजना) छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख जलाशय है, जो न केवल धमतरी बल्कि रायपुर और दुर्ग जिलों के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत है। यह महानदी की सहायक नदी पर स्थित है और इसका जलस्तर सामान्य परिस्थितियों में राज्य के कई हिस्सों की कृषि और पेयजल जरूरतों को पूरा करता है।
Disclaimer: यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल जनसामान्य तक ताज़ा जानकारी पहुँचाना है। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी स्रोतों से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।













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