दिनांक: 25 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
25 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार में सोना और खासकर चाँदी की कीमतों में तेज़ी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग बढ़ने के कारण दोनों कीमती धातुओं के भाव में उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आई है।

चाँदी में बड़ी बढ़ोतरी
आज के कारोबार में चाँदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उद्योगों में चाँदी की बढ़ती मांग और वैश्विक बाजार में कीमतों के बढ़ने का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। खासतौर पर निवेश के उद्देश्य से चाँदी खरीदने वालों की सक्रियता बढ़ी है।
सोने के भाव में स्थिर लेकिन सकारात्मक रुख
सोने की कीमतों में भी तेजी देखी गई, हालांकि चाँदी की तुलना में वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की चाल के प्रभाव से सोने में निवेश सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए बाजार में मांग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सोना और चाँदी दोनों में निवेश लंबी अवधि के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है। अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक रणनीति अपनाना बेहतर हो सकता है। निवेश से पहले बाजार रुझान और विशेषज्ञ सलाह पर विचार करना चाहिए।
खरीदारों को क्या करना चाहिए?
जो लोग आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें वर्तमान दरों की तुलना पिछले सप्ताह के भाव से करनी चाहिए। यदि कीमतों में और वृद्धि की संभावना हो, तो समय पर खरीदारी लाभदायक हो सकती है। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
आगे की संभावनाएं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर सोना-चाँदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए बाजार की नियमित निगरानी आवश्यक है।
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बाजार जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।













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