तारीख: 25 दिसंबर 2025
लेखक: Ajay Verma
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले स्थित कुनकुरी में आज क्रिसमस का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च के रूप में प्रसिद्ध कुनकुरी चर्च में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है।

एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च
कुनकुरी चर्च न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी भव्यता और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यह चर्च आस्था, शांति और एकता का प्रतीक माना जाता है। क्रिसमस के अवसर पर इस ऐतिहासिक चर्च को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
प्रार्थना और विशेष धार्मिक आयोजन
क्रिसमस के मौके पर चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। आधी रात को विशेष मिस्सा (प्रार्थना) में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए। इसके साथ ही शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया गया। धार्मिक गीतों और कैरोल्स से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह
दूर-दराज के इलाकों से लोग कुनकुरी चर्च पहुंचकर क्रिसमस की खुशियों में शामिल हो रहे हैं। परिवारों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने सांता क्लॉज की वेशभूषा में कार्यक्रमों में भाग लिया, जिससे माहौल और भी आनंदमय हो गया।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा
क्रिसमस के अवसर पर कुनकुरी चर्च में होने वाले आयोजन स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। इस मौके पर आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। होटल, दुकानों और स्थानीय बाजारों में रौनक बनी हुई है।
भाईचारे और शांति का संदेश
कुनकुरी चर्च में मनाया जा रहा क्रिसमस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश भी देता है। विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर सामाजिक एकता का परिचय दे रहे हैं।
निष्कर्ष
जशपुर के कुनकुरी चर्च में क्रिसमस का पर्व भक्ति, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च में आयोजित यह भव्य आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य समाचार जानकारियों और स्थानीय रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। कार्यक्रमों और आयोजनों से संबंधित विवरण समय व परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। अधिकृत जानकारी के लिए संबंधित प्रशासन या चर्च प्रबंधन की सूचनाओं को प्राथमिकता दें।











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