भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से KGC कार्ड (Kisan Gold Credit Card) योजना शुरू की गई है। यह कार्ड किसानों को उनकी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए एक तय सीमा तक कर्ज उपलब्ध कराता है। इस कार्ड का उद्देश्य किसानों को साहूकारों से कर्ज लेने की मजबूरी से बचाना और उन्हें सस्ती ब्याज दर पर ऋण देना है।

KGC कार्ड की विशेषताएँ
- किसानों को फसल उत्पादन के लिए ऋण की सुविधा प्रदान करता है।
- आसान किश्तों में भुगतान की सुविधा।
- ब्याज दर सामान्य ऋण की तुलना में काफी कम होती है।
- किसानों को बार-बार दस्तावेज़ी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता।
- फसल बीमा और दुर्घटना बीमा की सुविधा भी कार्ड से जुड़ी होती है।
KGC कार्ड के लिए पात्रता
इस कार्ड का लाभ लेने के लिए किसान का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। आवेदक किसान के पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए और वह नियमित रूप से कृषि कार्य कर रहा हो। साथ ही, किसान की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया
KGC कार्ड के लिए किसान अपने नजदीकी बैंक शाखा (जैसे – SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा, सहकारी बैंक इत्यादि) में जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्हें भूमि के कागजात, पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड), और पासपोर्ट साइज फोटो जमा करने होंगे। बैंक द्वारा सत्यापन के बाद पात्र किसान को KGC कार्ड जारी कर दिया जाता है।
किसानों को मिलने वाले फायदे
- बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में आसानी।
- आकस्मिक स्थिति में नकदी उपलब्धता।
- सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का सीधा लाभ।
- किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद।
निष्कर्ष
KGC कार्ड किसानों के लिए एक बेहतरीन वित्तीय साधन है। यह न केवल उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराता है, बल्कि उनकी कृषि गतिविधियों को भी सुरक्षित और संगठित बनाता है। इस योजना के माध्यम से किसान अपनी फसल उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं और बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। KGC कार्ड से संबंधित वास्तविक शर्तें, पात्रता और ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों और राज्यों में भिन्न हो सकती हैं। किसी भी निर्णय से पहले अपने नजदीकी बैंक या आधिकारिक सरकारी स्रोत से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।













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