मेरठ, 11 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दो व्यक्तियों को श्मशान घाट से चिता की खोपड़ी निकालकर “तांत्रिक क्रिया” के तहत चावल पकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ा।

घटना का खुलासा
यह मामला मेरठ के सरधना क्षेत्र के एक गांव का है, जहाँ शनिवार देर रात दो व्यक्ति चोरी-छिपे श्मशान घाट में पहुंचे। स्थानीय लोगों ने देखा कि वे चिता की राख से कुछ निकालकर पूजा जैसी क्रिया कर रहे थे। पास जाकर देखने पर ग्रामीणों ने पाया कि वे मानव खोपड़ी लेकर चावल पका रहे थे। यह देखकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया और दोनों को पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही सरधना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे किसी “तांत्रिक साधना” के तहत यह क्रिया कर रहे थे। पुलिस ने खोपड़ी और अन्य सामान बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इस घटना से गांव में तनाव का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं अंधविश्वास फैलाने और सामाजिक माहौल बिगाड़ने का काम करती हैं। कई लोगों ने मांग की कि इस तरह की “तांत्रिक गतिविधियों” पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा कृत्य न कर सके।
पुलिस अधिकारियों का बयान
मेरठ के एसपी ग्रामीण ने बताया कि दोनों आरोपियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और अवैध रूप से शव से छेड़छाड़ करने के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अंधविश्वास फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
अंधविश्वास की जड़ें अब भी गहरी
यह घटना यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की मान्यताएँ कितनी गहराई तक फैली हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही ऐसे कृत्यों को रोका जा सकता है।
डिस्क्लेमर
नोट: यह समाचार स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। जांच जारी है, अतः आगे की जानकारी में परिवर्तन संभव है। इस लेख का उद्देश्य केवल पाठकों को घटनाक्रम से अवगत कराना है, किसी भी अंधविश्वासी गतिविधि को प्रोत्साहित करना नहीं।















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