दिनांक: 27 दिसंबर 2025
लेखक: Ajay Verma
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने वीर बाल दिवस के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेककर प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान को नमन करते हुए राज्य की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

वीर बाल दिवस का ऐतिहासिक महत्व
वीर बाल दिवस सिख इतिहास के अद्वितीय साहस और बलिदान की याद दिलाता है। यह दिवस दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के अमूल्य बलिदान को समर्पित है। कम उम्र में भी धर्म और सत्य के लिए अडिग रहने का उनका साहस आज भी देश को प्रेरणा देता है।
गुरुद्वारे में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण
मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान गुरुद्वारे में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बना रहा। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की और सिख समाज के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य और समाज के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों को सच्चाई, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाता है। उन्होंने युवाओं से इन मूल्यों को अपनाने और समाज व राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
मुख्यमंत्री की यह पहल धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक मानी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा सभी समुदायों के धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के सम्मान का संदेश इस अवसर पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स एवं आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी कार्यक्रम या आधिकारिक गतिविधि से संबंधित अंतिम एवं प्रामाणिक जानकारी के लिए सरकारी विज्ञप्ति या आधिकारिक बयान को ही मान्य माना जाए।











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