3 दिसंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों को नक्सल मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता मिली है। घने जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं। क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय नक्सली टीम के खिलाफ यह अभियान सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ एक बड़े इनपुट के आधार पर की गई, जिसमें नक्सलियों की गतिविधियों और उनकी बैठक की जानकारी मिली थी।

मुठभेड़ कैसे शुरू हुई
सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम — जिसमें DRG, STF और BSF के जवान शामिल थे — भैरमगढ़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। ऑपरेशन के दौरान जवानों पर अचानक गोलाबारी की गई, जिसके बाद जवाबी फायरिंग शुरू हुई। दोनों ओर से कुछ देर तक भारी फायरिंग चली और अंततः कई नक्सली ढेर हो गए। घटनास्थल से आधुनिक हथियार, माओवादी साहित्य, मेडिक kits और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं।
सुरक्षाबलों की रणनीतिक बढ़त
इस ऑपरेशन को हाल के महीनों में सुरक्षाबलों द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान किसी जवान के हताहत होने की खबर नहीं है, जो दर्शाता है कि बलों की रणनीतिक तैयारी और क्षेत्रीय जानकारी कितनी मजबूत थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट का इस्तेमाल इस सफलता का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में सक्रिय नक्सली समूहों को बड़ा नुकसान हुआ है। यह क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, और यहां की टॉप लीडरशिप तक पहुंचने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस सफलता से भविष्य में होने वाली एंटी-नक्सल कार्रवाइयों को भी गति मिलने की संभावना है।
आसपास के गांवों में बढ़ी सुरक्षा
मुठभेड़ के बाद क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। आसपास के गांवों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत और सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा रही है ताकि लोगों में भय न फैले।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के अधिकारियों ने इस सफलता को नक्सल उन्मूलन अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जवानों के मनोबल को सराहा। इसके साथ ही, क्षेत्र में जल्द ही एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन फिर से चलाया जाएगा ताकि बाकी बची नक्सली टीमों को भी पकड़ा जा सके।
कुल मिलाकर, भैरमगढ़ के जंगलों में हुई यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, मजबूत खुफिया नेटवर्क और बेहतर रणनीतिक योजना का प्रमाण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और प्राप्त शुरुआती सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। मुठभेड़ की सटीक संख्या, विस्तृत विवरण और आधिकारिक बयान समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं। पाठक कृपया नवीनतम जानकारी के लिये आधिकारिक पुलिस/प्रशासनिक नोटिस व विश्वसनीय समाचार पोर्टल देखें।













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