दिनांक: 18 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार व जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और आगे बढ़ने की कोशिश की।

नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस का आक्रोश
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने का प्रयास कर रही है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने राज्यभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, जिसके तहत रायपुर में यह बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला।
रायपुर की सड़कों पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता
प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी राजभवन या किसी प्रमुख सरकारी कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही कड़े इंतजाम कर रखे थे।
बैरिकेड तोड़े जाने से बढ़ा तनाव
जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास स्थिति बिगड़ गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने जोश में आकर बैरिकेड्स को धक्का देकर तोड़ दिया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और नेताओं से बातचीत कर प्रदर्शन को शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस-प्रशासन रहा अलर्ट मोड पर
प्रदर्शन के मद्देनज़र रायपुर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कांग्रेस नेताओं का बयान
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। उनका दावा है कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह कानूनी है और सच्चाई अंततः जनता के सामने आएगी। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाइयां बंद नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रदर्शन और मामले से जुड़ी परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। किसी भी आधिकारिक या कानूनी निष्कर्ष के लिए संबंधित प्रशासन, जांच एजेंसियों अथवा न्यायालय की जानकारी को ही अंतिम और प्रमाणिक माना जाए।











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