‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने अभिभावकों की भागीदारी में किया शीर्ष स्थान प्राप्त

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ ने अभिभावकों की भागीदारी में किया शीर्ष स्थान प्राप्त

दिनांक: 5 जनवरी 2026
लेखक: Ajay Verma

छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए बहुचर्चित कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में अभिभावकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। राज्य से 25 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि यहाँ के माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहद सजग हैं।

‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उद्देश्य

‘परीक्षा पे चर्चा’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों में परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वयं छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद करते हैं और परीक्षा को बोझ नहीं बल्कि सीखने का अवसर मानने का संदेश देते हैं।

छत्तीसगढ़ में अभिभावकों की रिकॉर्ड भागीदारी

इस वर्ष छत्तीसगढ़ से अभिभावकों की भागीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 25 लाख से अधिक माता-पिता ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। यह उपलब्धि राज्य में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा रही है।

शिक्षा के प्रति बदलता नजरिया

पहले जहां परीक्षा को लेकर केवल छात्रों पर ही दबाव देखा जाता था, वहीं अब अभिभावक भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में माता-पिता यह समझने लगे हैं कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास उनकी शैक्षणिक सफलता जितना ही महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की भूमिका

छत्तीसगढ़ सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान, स्कूल स्तर पर मार्गदर्शन कार्यक्रम और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में अभिभावकों ने ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में रुचि दिखाई और पंजीकरण कराया।

राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की सराहना

अभिभावकों की इस ऐतिहासिक भागीदारी के कारण छत्तीसगढ़ की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह छात्र-अभिभावक-शिक्षक के बीच संवाद बना रहा, तो आने वाले वर्षों में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

निष्कर्ष

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की सोच, जागरूकता और भविष्य की मजबूत नींव को दर्शाती है। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी निश्चित रूप से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।


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