दिनांक: 31 जनवरी 2026
लेखक: Ajay Verma
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को तेज़, गुणवत्ता-युक्त और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण (Rural Mason Training – RMT) कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्यों से प्राप्त मांग एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात देशभर में 3 लाख से अधिक ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता बढ़ाने की पहल
ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी रूप से दक्ष और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की संख्या बढ़ाना है, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित होने वाले प्रत्येक आवास का निर्माण समयबद्ध ढंग से तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा सके। इस प्रशिक्षण से आवासों की गुणवत्ता, मजबूती और दीर्घकालिक टिकाऊपन सुनिश्चित हो रहा है।
रोजगार और आजीविका के नए अवसर
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल योजना के लाभार्थियों को बेहतर और मजबूत आवास प्राप्त होंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं को रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी मिलेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त राजमिस्त्री अपने कौशल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
छत्तीसगढ़ में प्रभावी क्रियान्वयन
छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। राज्य द्वारा किए जा रहे बेहतर क्रियान्वयन और इसके सकारात्मक प्रभावों को देखने के लिए असम राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से अधिकारियों की एक टीम ने धमतरी जिले का दौरा किया।
असम राज्य की टीम का निरीक्षण
इस निरीक्षण दल में श्री ध्रुब ज्योति नाथ (जॉइंट कमिश्नर), श्री रंजित दास (एसपीई) एवं श्री निलोतपल मिश्रा (एसपीई) शामिल थे। टीम ने धमतरी जिले के मोहेरा पंचायत पहुंचकर वहां चल रहे ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों से चर्चा की तथा निर्मित एवं निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों का भी अवलोकन किया।
अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत
असम राज्य में वर्तमान में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ नहीं हुआ है, किंतु निरीक्षण दल ने छत्तीसगढ़ में इसके सफल क्रियान्वयन की सराहना की और इसे अपने राज्य में लागू करने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से असम में भी तकनीकी रूप से सक्षम, पर्यावरण-अनुकूल एवं आपदा-रोधी आवासों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
ग्रामीण राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम से न केवल आवास योजना की गति तेज़ होगी, बल्कि कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी यह पहल अहम भूमिका निभा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, आय और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, जो समग्र ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Disclaimer:
यह लेख प्रेस विज्ञप्ति एवं उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारियाँ सूचना उद्देश्य से प्रकाशित की गई हैं। किसी भी योजना से संबंधित अंतिम नियम, शर्तें एवं निर्णय संबंधित विभाग या सरकार द्वारा समय-समय पर परिवर्तित किए जा सकते हैं।













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