प्राइवेट स्कूल संगठन ने शिक्षा विभाग के फैसले पर आपत्ति जताई

प्राइवेट स्कूल संगठन ने शिक्षा विभाग के फैसले पर आपत्ति जताई

दिनांक: 17 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली में प्रवेश को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए हालिया निर्णय पर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि यह फैसला निजी स्कूलों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप करता है और इससे अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन दोनों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

क्या है शिक्षा विभाग का नया फैसला

शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आयु सीमा और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों को तय नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य किया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता आएगी और बच्चों के शैक्षणिक विकास को सही दिशा मिलेगी।

प्राइवेट स्कूल संगठन की आपत्ति

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इन नियमों पर असहमति जताते हुए कहा है कि निजी स्कूलों की परिस्थितियां सरकारी स्कूलों से अलग होती हैं। संगठन का कहना है कि एक ही नियम सभी स्कूलों पर लागू करना व्यावहारिक नहीं है। इसके अलावा, आयु सीमा में बदलाव से कई अभिभावकों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

अभिभावकों की बढ़ती चिंता

नए फैसले के बाद अभिभावकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावक पहले ही अपने बच्चों के दाखिले की तैयारी कर चुके थे, लेकिन नियमों में बदलाव के कारण उन्हें दोबारा योजना बनानी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग को फैसला लेने से पहले सभी हितधारकों से चर्चा करनी चाहिए थी।

सरकार का पक्ष

वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के हित में लिया गया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कम उम्र में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ जाता है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नए नियमों से बच्चों को उम्र के अनुसार शिक्षा देने में मदद मिलेगी।

आगे की संभावनाएं

प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आगे आंदोलन या कानूनी विकल्प अपना सकते हैं। वहीं सरकार और संगठन के बीच बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मुद्दे पर कोई मध्य मार्ग निकलता है या नहीं।


Disclaimer:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है। किसी भी निर्णय या निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पाठक आधिकारिक अधिसूचनाओं और संबंधित विभाग की पुष्टि अवश्य करें।

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