21 नवंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए धान खरीदी (धान बिक्री) के लिए पंजीकरण और रकबा संशोधन की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है। अब किसान 25 नवंबर 2025 तक अपने खेतों का रकबा संशोधन कर सकते हैं और धान बेचने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह निर्णय उन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो किसी कारणवश समय पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे या जिनके दस्तावेज़ों में सुधार की आवश्यकता थी।

राज्य सरकार ने यह कदम किसानों की सुविधा और पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण की अपेक्षा है, इसलिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रक्रियाओं में किसानों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
समय सीमा बढ़ाने का कारण
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी सीजन की तैयारी के दौरान कई किसानों को तकनीकी समस्याओं, पोर्टल की धीमी गति और दस्तावेज़ सत्यापन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण भी कई किसान समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं कर सके। इन सभी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अंतिम तारीख में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया।
कैसे करें पंजीकरण और रकबा संशोधन?
किसान अपने नजदीकी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) केंद्र, लोकसेवा केंद्र, CSC, या कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। धान खरीदी पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भू-अभिलेख और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं। रकबा संशोधन के लिए किसान को अपने खेत की नवीनतम भू-अभिलेख प्रतिलिपि और संबंधित दस्तावेज़ साथ लेकर जाना होगा।
सरकार की तैयारियाँ और समर्थन
सरकार ने इस बार धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई है, ताकि किसानों को लंबी कतारों से राहत मिल सके। इसके साथ ही स्टाफ की संख्या और तौल सुविधा को भी मजबूत किया गया है। धान खरीदी पोर्टल पर किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन और चैट-सपोर्ट भी जोड़ा गया है, जिससे किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान हो सके। जिला स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें।
किसानों की प्रतिक्रिया और उम्मीदें
कई किसानों ने पंजीकरण तिथि बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के अनुसार यह निर्णय उनके लिए बेहद राहतकारी साबित हुआ है, क्योंकि खराब मौसम, त्योहार, और कृषि कार्यों की व्यस्तता के कारण कई किसान समय पर पंजीकरण नहीं करा पाए थे। अब उन्हें बिना किसी दबाव के समयसीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करने का अवसर मिल गया है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। किसी भी परिवर्तन, नई अधिसूचना या आधिकारिक अपडेट के लिए कृषि विभाग या संबंधित सरकारी पोर्टल की जानकारी को ही अंतिम मानें। लेखक/प्रकाशक किसी भी त्रुटि या बदलाव के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।











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