प्रकाशित: 5 अक्टूबर 2025 | स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
संक्षेप: रायपुर पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर विदेशी बैंक खातों का दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने अब तक लाखों रुपये की अवैध राशि का पता लगाया है।

ऑपरेशन साइबर शील्ड की सफलता
रायपुर पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर शील्ड” नामक विशेष अभियान के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह लंबे समय से ऑनलाइन बैंकिंग और विदेशी खातों के माध्यम से धोखाधड़ी कर रहा था। इस कार्रवाई का नेतृत्व साइबर सेल की एक विशेष टीम ने किया।
चार आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रायपुर और आसपास के जिलों से की गई है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी फर्जी वेबसाइट, ईमेल और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों से पैसे ठगते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का कनेक्शन दिल्ली और मुंबई स्थित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
विदेशी खातों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पैसे को पहले भारतीय खातों में ट्रांसफर करते थे और फिर उसे विदेशी खातों में भेजते थे। इस प्रक्रिया में वे क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल वॉलेट्स का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस को ट्रेस करना मुश्किल हो। प्रारंभिक जांच में ₹1.2 करोड़ से अधिक की संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
पुलिस की तकनीकी जांच
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं। साइबर फोरेंसिक टीम अब इन उपकरणों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और कितने लोगों को अब तक ठगा गया है।
आरोपियों की योजना कैसे काम करती थी
आरोपी सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए नकली निवेश योजनाओं, लोन ऑफर और जॉब प्रॉमिस के नाम पर लोगों से संपर्क करते थे। वे अपने शिकार को भरोसे में लेकर ऑनलाइन पेमेंट लिंक भेजते और फिर धीरे-धीरे बैंक खातों को खाली कर देते थे। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पेशेवर तरीके से काम कर रहा था।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या ऑफर पर भरोसा न करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
भविष्य के लिए चेतावनी
इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराध तेजी से विकसित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लोगों को डिजिटल साक्षरता और सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। पुलिस ने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए लगातार निगरानी और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार पुलिस प्रेस विज्ञप्ति और प्रारंभिक जांच रिपोर्टों पर आधारित है। जांच जारी है, और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।













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