दिनांक: 18 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ राज्य में इस समय धान खरीदी अभियान जोर-शोर से जारी है। अब तक राज्यभर में लाखों टन धान खरीदा जा चुका है और किसानों को उनके उत्पाद का भुगतान करोड़ों रुपये की राशि में किया जा चुका है। यह प्रक्रिया राज्य सरकार की योजना के तहत की जा रही है ताकि किसानों को उनके मेहनत का उचित मूल्य मिल सके और कृषि क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

धान खरीदी का उद्देश्य
धान खरीदी का मुख्य उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उनके उत्पाद का सही मूल्य देना है। इससे किसानों को फसल बेचने में सुविधा मिलती है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होती है। राज्य सरकार समय-समय पर धान की खरीदारी के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर सभी आवश्यक उपाय करती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।
खरीदी और भुगतान की स्थिति
इस वर्ष अब तक लाखों टन धान खरीदा जा चुका है। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पाद का भुगतान भी नियमित रूप से किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान और बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे किसानों के बैंक खाते में सीधे राशि पहुंच रही है और भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है।
खरीदी केंद्र और प्रक्रिया
धान की खरीदारी राज्य के विभिन्न सरकारी और सहकारी केंद्रों पर की जा रही है। खरीद प्रक्रिया में किसानों से फसल का वजन, गुणवत्ता और प्रमाण पत्र जैसी जाँच की जाती है। इसके बाद भुगतान का ऑर्डर जारी किया जाता है। राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ और सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि धान खरीदी में कोई बाधा न आए।
किसानों पर प्रभाव
धान खरीदी अभियान से किसानों में संतोष और आर्थिक राहत की भावना देखी जा रही है। उन्हें न केवल उचित मूल्य मिल रहा है बल्कि फसल बेचने की प्रक्रिया भी आसान और पारदर्शी है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में रोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
आगे की योजना
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि खरीदी अभियान लगातार जारी रहेगा और किसानों को उनके उत्पाद का मूल्य समय पर दिया जाएगा। साथ ही, भविष्य में धान खरीदी की प्रक्रिया और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से और अधिक पारदर्शी और तेज़ बनाने की योजना बनाई जा रही है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और प्रारंभिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। धान खरीदी की मात्रा, भुगतान और प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। किसी भी आधिकारिक और अंतिम जानकारी के लिए राज्य कृषि विभाग या संबंधित सरकारी अधिसूचना को ही प्रमाणिक माना जाए।













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