प्रकाशित: 31 अक्टूबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
भारत में आयोजित India Maritime Week 2025 के दौरान लगभग ₹12 लाख करोड़ के निवेश का वचन दिया गया है। इस निवेश का उद्देश्य देश के समुद्री बुनियादी ढांचे, बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक चेन और शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री को नई दिशा देना है। यह आयोजन भारत सरकार के पोत परिवहन मंत्रालय की पहल पर आयोजित किया गया।

जहाज निर्माण क्षेत्र को प्राथमिकता
घोषित कुल निवेश में से लगभग 20% राशि केवल जहाज-निर्माण और मरम्मत उद्योग के लिए निर्धारित की गई है। इससे न केवल घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर समुद्री निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मुख्य निवेशक और परियोजनाएँ
Maritime Week के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। प्रमुख निवेशक समूहों में अदानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, और विदेशी शिपिंग कंपनियाँ शामिल रहीं। इस अवसर पर कोस्टल जोन डेवलपमेंट, ग्रीन पोर्ट प्रोजेक्ट्स, और डीप-सी माइनिंग तकनीक से जुड़ी योजनाओं की भी घोषणा की गई।
सरकार का दृष्टिकोण
पोत परिवहन मंत्री ने कहा कि यह निवेश “ब्लू इकॉनॉमी” को मजबूत करने और देश के समुद्री संसाधनों का टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना हेतु है। आधिकारिक आँकड़ों और नीतिगत विवरणों के लिए भारत सरकार के पोत परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट देखें।















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