दिनांक: 18 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहकारी निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में ईमानदार प्रशासन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आरोपी निरीक्षक पर लंबे समय से रिश्वत मांगने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद ACB ने जाल बिछाकर उसे पकड़ा।

शिकायत के बाद ACB ने रची रणनीति
जानकारी के अनुसार, सहकारी निरीक्षक द्वारा एक हितग्राही से काम कराने के एवज में अवैध रूप से रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में ACB कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ACB की टीम ने पूरी योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
रिश्वत लेते ही दबोचा गया आरोपी
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, जैसे ही सहकारी निरीक्षक ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, ACB की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के हाथों से रिश्वत की राशि बरामद की गई, जिसे रासायनिक परीक्षण में भी सही पाया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी निरीक्षक घबराया हुआ नजर आया और कैमरा देख मुंह छिपाने की कोशिश करता दिखा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले भी ऐसे कितने मामलों में रिश्वत ली है और इसमें कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी शामिल तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।
प्रशासन में मचा हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान अन्य अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता में कार्रवाई को लेकर संतोष
ACB की इस कार्रवाई से आम जनता में संतोष और भरोसा देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो बिना डर के इसकी सूचना ACB को दें।
डिस्क्लेमर:
यह लेख प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले से जुड़ी जांच अभी जारी है और समय के साथ तथ्यों में बदलाव संभव है। किसी भी कानूनी या आधिकारिक निष्कर्ष के लिए संबंधित जांच एजेंसी और न्यायालय के निर्णय को ही अंतिम माना जाए।











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