दिनांक: 15 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा wccsnews24.com
भूमिका
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से ‘तूहर टोकन’ मोबाइल ऐप को अब 24×7 (चौबीसों घंटे) चालू कर दिया गया है। इस फैसले से धान विक्रय में पहले लगने वाली समय-सीमा की बाधा समाप्त हो गई है, जिससे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्या है ‘तूहर टोकन’ ऐप
‘तूहर टोकन’ ऐप छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने की सुविधा देना है। इस ऐप के माध्यम से किसान अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्र में बिक्री के लिए पहले से टोकन बुक कर सकते हैं। इससे उपार्जन केंद्रों में भीड़ कम होती है और किसानों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ता।
24×7 सुविधा का क्या होगा फायदा
पहले ‘तूहर टोकन’ ऐप में समय की एक तय सीमा थी, जिसके भीतर ही किसान टोकन बुक कर सकते थे। कई किसानों को नेटवर्क समस्या, बिजली कटौती या व्यस्तता के कारण समय पर टोकन नहीं मिल पाता था। अब ऐप के चौबीसों घंटे उपलब्ध रहने से किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय टोकन बुक कर सकेंगे। इससे खासकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
धान खरीदी प्रक्रिया होगी अधिक सुगम
सरकार के इस निर्णय से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। किसान बिना दलालों या बिचौलियों के सीधे सरकारी व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। टोकन सिस्टम के कारण उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था कम होगी और तय तिथि पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
किसानों की प्रतिक्रिया
राज्य के कई किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि 24×7 सुविधा से उन्हें मानसिक तनाव से राहत मिलेगी और धान बेचने की प्रक्रिया ज्यादा आसान हो जाएगी। खासकर छोटे और सीमांत किसान, जो दिन में खेतों के काम में व्यस्त रहते हैं, वे अब रात या खाली समय में भी टोकन बुक कर सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य
छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और किसान-केंद्रित बनाया जाए। ‘तूहर टोकन’ ऐप को 24×7 चालू करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल किसानों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी सही पात्र तक समय पर पहुंचेगा।
निष्कर्ष
‘तूहर टोकन’ ऐप को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम धान विक्रय की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समय-बचत वाला बनाएगा। आने वाले समय में यदि तकनीकी सुधार और जागरूकता बढ़ाई जाती है, तो यह व्यवस्था राज्य के कृषि क्षेत्र में एक मिसाल बन सकती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। किसी भी योजना या ऐप से संबंधित अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य संपर्क करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की त्रुटि या नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।













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