यूपीआईटीएस-2025 को “जीरो इंसिडेंट” इवेंट बनाने में पुलिस की योजना सफल रही

यूपीआईटीएस-2025 को “जीरो इंसिडेंट” इवेंट बनाने में पुलिस की योजना सफल रही

उत्तर प्रदेश में आयोजित यूपीआईटीएस-2025 (UPITS-2025) कार्यक्रम को पुलिस और प्रशासन की सख्त तैयारियों के चलते “जीरो इंसिडेंट” इवेंट के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह आयोजन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, जिसमें देश और विदेश से हजारों प्रतिभागियों, निवेशकों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष कदम उठाए गए, जिनकी सराहना हर स्तर पर की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस विभाग ने इस आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और स्मार्ट पुलिसिंग का सहारा लिया। पूरे आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके अलावा, सुरक्षा बलों की विशेष टुकड़ियाँ हर संवेदनशील क्षेत्र में तैनात की गईं।

ट्रैफिक प्रबंधन

यूपी ट्रैफिक पुलिस ने इस इवेंट को लेकर विशेष यातायात योजना लागू की। वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया गया और स्मार्ट सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग किया गया। आयोजन स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न बने, इसके लिए बैरिकेडिंग और वाहन पार्किंग की अलग व्यवस्था की गई।

महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान

महिला प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती, पिंक बूथ की स्थापना और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रखे गए। इसके चलते किसी भी प्रकार की छेड़खानी या उत्पीड़न की घटना दर्ज नहीं हुई।

सफलता के कारण

इस पूरे आयोजन को “जीरो इंसिडेंट” बनाने के पीछे पुलिस और प्रशासन का संयुक्त प्रयास था। योजनाबद्ध रणनीति, नवीन तकनीक का प्रयोग और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय इसकी सफलता की मुख्य वजह रही।

जनता और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया

प्रतिभागियों ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की। उनका कहना था कि इतने बड़े आयोजन में जहां सुरक्षा और यातायात की सबसे अधिक चुनौतियाँ रहती हैं, वहां किसी भी अप्रिय घटना का न होना पुलिस की प्रोफेशनलिज्म और तैयारी का उदाहरण है।


डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों और प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। वास्तविक आंकड़े और तथ्यों में समय-समय पर बदलाव संभव है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सरकारी प्रेस रिलीज़ या पोर्टल से ही अंतिम और सत्यापित जानकारी प्राप्त करें। इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर हुए किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होगा।

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