मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को बताया भारत की आत्मा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को बताया भारत की आत्मा

दिनांक: 6 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी युवाओं, समाज और राष्ट्र को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह विचार एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए, जहां उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और मानवता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला।

स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे एक महान विचारक, समाज सुधारक और भारत की आत्मा को पहचानने वाले महापुरुष थे। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक शक्ति को विश्व मंच पर स्थापित किया। आज के समय में जब युवा दिशा की तलाश में हैं, तब विवेकानंद के विचार उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और चरित्रवान बनाने में सहायक हो सकते हैं।

भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। योग, ध्यान, सेवा और समर्पण जैसे भारतीय जीवन मूल्यों को अपनाकर न केवल व्यक्तिगत विकास संभव है, बल्कि समाज और राष्ट्र भी सशक्त बन सकता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” आज भी उतना ही प्रभावी है।

युवाओं से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, कौशल और चरित्र निर्माण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और यदि वे मजबूत होंगे तो भारत स्वतः ही विश्व गुरु की भूमिका निभा सकेगा। सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है।

छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, युवा उत्सवों और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में उनके विचारों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहे।

राष्ट्र निर्माण में विचारों की भूमिका

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण केवल भौतिक संसाधनों से नहीं होता, बल्कि मजबूत विचारों और संस्कारों से होता है। स्वामी विवेकानंद ने भारत को आत्मगौरव और आत्मविश्वास का मार्ग दिखाया। आज जरूरत है कि हम उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें और एक सशक्त, समृद्ध तथा सांस्कृतिक रूप से मजबूत भारत का निर्माण करें।


डिस्क्लेमर:
यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी प्रकार के निर्णय या निष्कर्ष के लिए पाठक स्वयं आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करें।

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