दिनांक: 16 अक्टूबर 2025, गुरुवार | लेखक: Ajay verma
निखिल कामथ का X (ट्विटर) अकाउंट हैक
भारत के प्रमुख स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Zerodha के सह-संस्थापक निखिल कामथ का आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट हैक कर लिया गया है। घटना की पुष्टि खुद निखिल कामथ ने की है। उन्होंने बताया कि यह हैकिंग फिशिंग ईमेल (Phishing Email) के ज़रिए की गई थी, जिसमें एक फर्जी लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके अकाउंट का नियंत्रण किसी तीसरे व्यक्ति के हाथ में चला गया।

फिशिंग ईमेल के ज़रिए हुआ हमला
निखिल ने कहा कि यह एक सोशल इंजीनियरिंग अटैक था — यानी हैकर्स ने भरोसेमंद लगने वाले ईमेल के ज़रिए उन्हें एक फर्जी लॉगिन पेज पर भेजा। जैसे ही उन्होंने अपने क्रेडेंशियल्स डाले, हैकर्स ने तुरंत उनका अकाउंट एक्सेस कर लिया। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि भले ही व्यक्ति साइबर सुरक्षा के बारे में जानकार हो, लेकिन फिशिंग जैसे हमले आज भी बेहद प्रभावी हैं।
निखिल कामथ की प्रतिक्रिया
हैक के कुछ घंटे बाद, निखिल कामथ ने अपने अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा — “यह एक चेतावनी है कि कोई भी साइबर अटैक से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। फिशिंग ईमेल बहुत चालाकी से बनाए जाते हैं, और थोड़ी सी असावधानी भी भारी पड़ सकती है।” उन्होंने अपने फॉलोअर्स से अनुरोध किया कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक या डीएम पर क्लिक न करें।
Zerodha की ओर से सुरक्षा कदम
Zerodha टीम ने इस घटना के तुरंत बाद एक आंतरिक साइबर सुरक्षा जांच शुरू की है। कंपनी ने बताया कि यह घटना केवल निखिल कामथ के व्यक्तिगत अकाउंट से संबंधित है, और Zerodha के ग्राहक डेटा या प्लेटफॉर्म पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ा है। Zerodha ने अपने कर्मचारियों और उपयोगकर्ताओं के लिए 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्षम करने और संदिग्ध ईमेल से सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि फिशिंग ईमेल आज भी सबसे आम साइबर अटैक का तरीका हैं। वे अक्सर बड़ी कंपनियों या संस्थाओं के आधिकारिक मेल जैसे दिखते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- ईमेल में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका डोमेन अवश्य जांचें।
- हमेशा दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम रखें।
- अनजान मेल अटैचमेंट या पासवर्ड रीसेट लिंक पर क्लिक न करें।
निष्कर्ष — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
निखिल कामथ के ट्विटर अकाउंट हैक की यह घटना दिखाती है कि साइबर अपराधी अब भी अत्यधिक चालाक और संगठित हैं। चाहे व्यक्ति एक बड़ी कंपनी का संस्थापक हो या सामान्य उपयोगकर्ता — फिशिंग अटैक सभी को निशाना बना सकते हैं। इसलिए, हर यूज़र को अपने डिजिटल अकाउंट्स की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
डिस्क्लेमर / सूचना
यह लेख केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को किसी भी कंपनी, व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक पुष्टि के रूप में न लें। लेखक और वेबसाइट किसी प्रकार की साइबर सुरक्षा या वित्तीय सलाह नहीं दे रहे हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करें और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहें।











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