भुवनेश्वर, 11 अक्टूबर 2025: ओडिशा की एक विशेष अदालत ने एक 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत सुनाया, साथ ही दोषी पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।

घटना का विवरण
यह मामला 2023 का है जब आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी, जिसके बाद उसके परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि नाबालिग बच्चियों के साथ यौन अपराध समाज के लिए कलंक हैं और ऐसे अपराधियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस सजा से समाज में एक सख्त संदेश जाएगा कि नाबालिगों के साथ अत्याचार करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
पॉक्सो अधिनियम के तहत फैसला
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत दोषी पाया। यह कानून नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चियों की गरिमा की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पीड़िता के परिवार को सहायता
राज्य सरकार ने पीड़िता के परिवार को पीड़ित सहायता योजना के तहत आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। साथ ही, जिला प्रशासन ने पीड़िता को काउंसलिंग और पुनर्वास सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
महिला संगठनों की प्रतिक्रिया
महिला अधिकार संगठनों ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कड़े फैसले न केवल अपराधियों को सबक सिखाएंगे बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने का भरोसा भी दिलाएंगे।
डिस्क्लेमर
नोट: यह समाचार स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और न्यायालयिक दस्तावेजों पर आधारित है। इस लेख का उद्देश्य केवल पाठकों को न्यायिक निर्णय की जानकारी देना है। इसमें किसी व्यक्ति या संस्था की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का कोई उद्देश्य नहीं है।











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