तारीख: 05 मई 2026 | लेखक: Ajay Verma
घटना का विवरण
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने अहम विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा अचानक ढह गया। सोमवार तड़के हुए इस हादसे में पुल का लगभग 34 मीटर लंबा हिस्सा नदी में समा गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कोई जनहानि नहीं
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन के अनुसार घटना के समय उस हिस्से पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
ट्रैफिक पर असर
करीब 4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल पर हादसे के बाद तुरंत ट्रैफिक रोक दिया गया है। यह पुल रोजाना लाखों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, इसलिए इसके बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
घटना का समय और कारण
रिपोर्ट के अनुसार रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास गैप बना, जिसके कुछ देर बाद पुल का हिस्सा गिर गया। प्रारंभिक जानकारी में संरचनात्मक कमजोरी या रखरखाव की कमी को संभावित कारण माना जा रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुल की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पिछले हादसों का रिकॉर्ड
जानकारी के अनुसार, बिहार में पिछले 2 वर्षों में छोटे-बड़े लगभग 20 पुल या पुलिया गिर चुके हैं। जून 2024 में ही 15 दिनों के भीतर 10 पुलों के गिरने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
पुल का इतिहास
इस पुल का उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा किया गया था। यह पुल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग रहा है।
निष्कर्ष
गंगा नदी पर बने इस महत्वपूर्ण पुल का हिस्सा गिरना एक गंभीर मामला है। हालांकि जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल खड़े करती है। जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएंगे।
Disclaimer
यह लेख समाचार रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी प्रारंभिक रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो समय के साथ बदल सकती है। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करें। इस जानकारी के लिए लेखक या वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी।













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