विशाखापट्टनम, 13 अक्टूबर 2025: भारत की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना ने महिला विश्व कप 2025 के एक रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए दो ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं। उन्होंने प्रतिभा रावल के साथ मिलकर ओपनिंग साझेदारी में नया रिकॉर्ड बनाया और साथ ही वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे तेज़ 5000 रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गईं।

रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी
भारत की ओपनिंग जोड़ी स्मृति मंधाना और प्रतिभा रावल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी की, जो भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप बन गई। मंधाना ने 94 रन और रावल ने 88 रनों की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया, जिससे भारत ने शुरुआती 25 ओवरों में ही 150 से अधिक रन बना लिए।
सबसे तेज़ 5000 रन पूरे करने वाली भारतीय
इस पारी के दौरान स्मृति मंधाना ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 5000 रन पूरे कर लिए। वह ऐसा करने वाली भारत की सबसे तेज़ और कुल मिलाकर चौथी महिला खिलाड़ी बनीं। मंधाना ने यह मुकाम सिर्फ 123 पारियों में हासिल किया, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड मिताली राज के नाम था जिन्होंने 144 पारियों में यह उपलब्धि पाई थी।
मंधाना का बयान
मैच के बाद मंधाना ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं हमेशा टीम के लिए लंबी और उपयोगी पारी खेलने की कोशिश करती हूं। यह रिकॉर्ड मेरी मेहनत और निरंतरता का परिणाम है।” उन्होंने अपनी ओपनिंग पार्टनर प्रतिभा रावल की भी तारीफ करते हुए कहा कि “उसने दबाव में शानदार खेल दिखाया और हमारी साझेदारी टीम के लिए अहम रही।”
भारतीय पारी की झलक
भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 327 रन बनाए। मंधाना और रावल के अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी 56 रनों की पारी खेली। भारतीय बल्लेबाज़ों की इस शानदार शुरुआत के बावजूद ऑस्ट्रेलिया ने बाद में मैच जीत लिया और नया रन-चेज़ रिकॉर्ड बनाया, लेकिन मंधाना की पारी क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक रही।
स्मृति मंधाना का करियर रिकॉर्ड
स्मृति मंधाना अब तक 150 से अधिक वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और उनका औसत 47 से अधिक है। उन्होंने 18 शतक और 27 अर्धशतक बनाए हैं। उनकी निरंतरता और आक्रामक शैली ने उन्हें विश्व क्रिकेट की सबसे सफल महिला बल्लेबाज़ों में शामिल कर दिया है।
निष्कर्ष
स्मृति मंधाना की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। उनकी बल्लेबाज़ी ने न सिर्फ भारत को मज़बूत शुरुआत दी, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी। आने वाले मैचों में उनकी भूमिका भारत की सफलता के लिए बेहद अहम होगी।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और क्रिकेट वेबसाइटों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अपडेट के लिए संबंधित आधिकारिक स्रोतों को देखें।











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