इंदौर मंदिर में 1.03 करोड़ रुपये नकद नोटों से सजी दिवाली

इंदौर मंदिर में 1.03 करोड़ रुपये नकद नोटों से सजी दिवाली

इंदौर मंदिर में 1.03 करोड़ रुपये नकद नोटों से सजी दिवाली

तारीख: 20 अक्टूबर 2025 | लेखक: Ajay verma

भव्य सजावट से सजा श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित श्री योगमाया महालक्ष्मी मंदिर इस वर्ष दिवाली पर अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। मंदिर को धार्मिक समिति और श्रद्धालुओं द्वारा करीब ₹1.03 करोड़ की नकद मुद्रा (₹10, ₹50, ₹100, ₹500 और ₹2000 के नोटों) से सजाया गया है। इस भव्य सजावट से मंदिर क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।

शुरुआत में योजना ₹50 लाख की थी

मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि शुरू में केवल ₹50 लाख की सजावट की योजना बनाई गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और दान के कारण यह राशि बढ़कर ₹1.03 करोड़ हो गई। समिति ने बताया कि यह आयोजन न केवल भव्यता का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और एकता का संदेश भी देता है।

पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम

दिवाली पर्व के अवसर पर मंदिर में 19 अक्टूबर से विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या और आरती कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। धार्मिक आयोजनों का यह सिलसिला 22 अक्टूबर तक चलेगा। भक्तों के लिए मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण, दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा और प्रबंधन की विशेष व्यवस्था

मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने भी मंदिर परिसर के आसपास यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली है। सजावट में लगे नोटों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

भक्ति और आकर्षण का केंद्र बना मंदिर

इंदौर और आसपास के जिलों से आए हजारों श्रद्धालु इस दिव्य सजावट को देखने के लिए मंदिर पहुँच रहे हैं। मंदिर की दीवारों, गुम्बदों और मुख्य द्वार पर लगी नकद नोटों की रंगीन डिज़ाइन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कई भक्तों ने इसे “भक्ति और समृद्धि का अनोखा संगम” बताया है।

आस्था के साथ सामाजिक संदेश

समिति ने यह भी कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल भव्यता दिखाना नहीं है, बल्कि लोगों में दान, सहयोग और आस्था की भावना को मजबूत करना है। पूजा के अंतिम दिन एकत्रित राशि का एक हिस्सा गरीब परिवारों और मंदिर रखरखाव में उपयोग किया जाएगा।

डिस्क्लेमर

यह लेख स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और मंदिर समिति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। राशि और आयोजन से जुड़े कुछ विवरण समय-समय पर परिवर्तित हो सकते हैं। पाठकों से अनुरोध है कि नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित स्रोतों या मंदिर के आधिकारिक पेज से संपर्क करें।

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