कोलकाता में दिवाली-पूर्व वायु गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में

कोलकाता में दिवाली-पूर्व वायु गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में

कोलकाता में दिवाली-पूर्व वायु-गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में प्रवेश

तारीख: 20 अक्टूबर 2025 | लेखक: Ajay verma

वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट

कोलकाता में दिवाली से पहले वायु-गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। मॉनिटरिंग स्टेशन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, ए.क्यू.आई लगभग 210 से ऊपर मापा गया है, जो “खराब” श्रेणी के अंतर्गत आता है।

मुख्य कारण और प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि वायु में प्रदूषण के मुख्य कारणों में बढ़ते पटाखों का उपयोग, धूल और ठंडी हवाएँ शामिल हैं। इसके कारण वायु और अधिक दूषित होने की संभावना है। खराब वायु गुणवत्ता से विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और श्वसन रोग वाले व्यक्ति प्रभावित हो सकते हैं।

स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय

वायु प्रदूषण विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे:

  • अत्यधिक समय बाहर न बिताएं, विशेषकर सुबह और शाम के समय।
  • जरूरत होने पर मास्क पहनें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को पटाखों के पास जाने से रोकें।
  • घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और खिड़कियाँ रात में बंद रखें।

प्रशासन की चेतावनी और निगरानी

कोलकाता प्रशासन ने भी चेतावनी जारी की है कि दिवाली के समय पटाखों और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षित और नियंत्रित पटाखा प्रज्वलन की दिशा में उपाय किए हैं।

पर्यावरण और दीर्घकालिक समाधान

विशेषज्ञों ने बताया कि केवल दिवाली के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष प्रदूषण नियंत्रण, हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। दीर्घकालिक उपायों से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

डिस्क्लेमर

यह लेख कोलकाता के वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग रिपोर्ट और विशेषज्ञ राय पर आधारित है। वास्तविक AQI या स्वास्थ्य चेतावनी आधिकारिक पर्यावरण और स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा अपडेट किए जा सकते हैं।

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