29 अक्टूबर 2025 | मौसम समाचार — छत्तीसगढ़
पूर्वी तट से टकराने वाले चक्रवाती तूफान Montha के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताज़ा चेतावनियों के अनुसार दक्षिणी छत्तीसगढ़ में 28–29 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।

तूफान ने पहले आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों को मुख्य रूप से प्रभावित किया और वहां तेज़ हवाएँ व तेज़ वर्षा दर्ज की गई — जिसके बाद सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए आंतरिक राज्यों पर प्रभाव डाल रहा है। इसके चलते छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और कुछ पूर्वी जिलों में विद्युतीय टूट-फूट, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों ने भी इस सिस्टम के प्रभाव और राहत-कार्य की तैयारियों पर प्रकाश डाला है।
स्थानीय प्रशासनों और आपदा प्रबंधन दलों को निर्देश दिया गया है कि वे निचले इलाक़ों में रहने वाले लोगों को सतर्क करें, आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी राहत-शिविर सक्रिय करें, नालियों और नदियों के किनारों पर निगरानी बढ़ाएँ और विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित रखने के उपाय प्राथमिकता से करें। कृषि-क्षेत्र में भी फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को सतर्क रहना चाहिए और खेतों में बहते पानी से बचने के उपाय अपनाने चाहिए।
घरेलू नागरिकों के लिए मुख्य सावधानियाँ यह हैं: तेज़ हवाओं के दौरान खुले स्थान पर न रहें, कमजोर संरचनाओं से दूर रहें, अपने पास आवश्यक दवाइयां और आपातकालीन किट रखें, मोबाइल और पावर बैंक चार्ज रखें तथा आधिकारिक सूचना-स्रोतों (IMD, राज्य आपदा प्रबंधन) से नवीनतम अपडेट लेते रहें। अगर स्थानीय प्रशासन ने पलायन (evacuation) का आदेश दिया है तो उसका पालन करें।
मौसम-विज्ञानी यह भी बता रहे हैं कि चक्रवात जमीन पर आने के बाद कमजोर तो हो सकता है, परन्तु यह भारी बारिश के कारण बाढ़, जलजमाव और साल्ट-विंड के साथ स्थानीय जोखिम छोड़ सकता है — इसलिए सतर्कता आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में प्रभावित जिलों के नागरिकों से अनुरोध है कि वे नज़दीकी कंट्रोल-रूम और राहत केंद्रों से संपर्क में रहें और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर सहेज कर रखें
स्थानीय मीडिया तथा प्रशासन से आने वाले निर्देशों का पालन करना तथा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से सावधान रहना भी जरूरी है — केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। इस प्रकार की मौसम आपदाओं में समुदायिक सहयोग और शीघ्र प्रशासनिक प्रतिक्रिया से नुकसान कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
सूत्र: यह लेख IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन और हालिया समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रमुख संदर्भों में IMD का बुलेटिन और राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों/प्रकाशनों की कवरेज शामिल है। (IMD बुलेटिन के अनुसार छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 28–30 अक्टूबर के दौरान भारी/अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बताई गई है)।












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