ACB / EOW की बड़ी छापेमारी: आबकारी और DMF घोटाले में लगभग 20 ठिकानों पर कार्रवाई

ACB / EOW की बड़ी छापेमारी: आबकारी और DMF घोटाले में लगभग 20 ठिकानों पर कार्रवाई

23 नवंबर 2025 — लेखक: Ajay Verma

छापेमारी का परिचय

छत्तीसगढ़ में राज्य अपराध ब्रांच (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आज आबकारी विभाग और DMF से जुड़े कथित घोटालों के सिलसिले में बड़ी छापेमारी की। अधिकारियों ने सूचना के आधार पर कई जिलों में लगभग 20 ठिकानों पर एक साथ रेड की। कार्रवाई का उद्देश्य कथित रूप से भ्रष्ट आचरण और वित्तीय गड़बड़ियों की जाँच करना बताया गया है।

किस तरह की शिकायतें थीं?

सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोप में आबकारी विभाग से संबंधित लाइसेंसिंग और लाइसेंस शुल्क की पैसों की हेरफेर, तथा DMF (खनिज विकास कोष/खदान से जुड़े धन) के अनियमित इस्तेमाल के दावे शामिल हैं। शिकायत में कुछ अधिकारियों और व्यावसायिक व्यक्तियों के बीच मिलीभगत का भी जिक्र है।

कहां-कहां छापे मारे गए

रायपुर, बिलासपुर और नजदीकी जिलों में प्रशासनिक दफ्तरों, निजी परिसरों और कुछ कारोबारी ठिकानों पर तलाशी ली गई। आधिकारिक बयानों में अभी तक गिरफ्तारी की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है, परन्तु कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं जिन्हें आगे जांच में प्रयोग किया जाएगा।

अधिकारियों का रुख

ACB एवं EOW के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई सूचनात्मक इनपुट और प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के अनुसार जांच पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी तथा किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सबूत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रभाव और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

स्थानीय वाणिज्यिक गतिविधियों और सरकारी कामकाज पर अस्थायी प्रभाव देखा गया है क्योंकि कई लोगों से पूछताछ की जा रही है और दफ्तरों में दस्तावेजों की छानबीन जारी है। नागरिकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं—कुछ लोग कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं जबकि कुछ सवाल उठा रहे हैं कि जांच कितनी गहराई तक जाएगी।

आगे की कार्यवाही

जांच टीमें जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। अगले कुछ दिनों में और बयानों, संभावित आरोपपत्रों या गिरफ्तारियों की संभावना बनी हुई है। न्यायिक प्रक्रिया और विभागीय अनुशासनात्मक कदम के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

निष्कर्ष

ACB और EOW की यह संयुक्त कार्रवाई भ्रष्टाचार-विरोधी उपायों के प्रति संस्थागत चेतावनी है। सार्वजनिक हित और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र और तेज जांच की आवश्यकता रहेगी ताकि दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनन कदम उठाये जा सकें।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक सूत्रों और आधिकारिक घोषणाओं के प्राथमिक वर्णन के आधार पर तैयार किया गया है। जांच अभी जारी है; यहाँ दी गई जानकारी समय के साथ अपडेट हो सकती है। किसी भी आरोप को अदालत द्वारा सिद्ध होने तक आरोप ही माना जाना चाहिए।

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