27 नवंबर 2025 — लेखक: Ajay Verma
सम्मेलन का उद्घाटन और मुख्य उद्देश्य
नवा रायपुर में आयोजित 60वें DGP-IG सम्मेलन ने देश की सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आंतरिक प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंथन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP), पुलिस महानिरीक्षक (IG) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों, उभरते अपराधों और नागरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर व्यापक चर्चा कर भविष्य की रणनीति तय करना था।

आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर चर्चा
सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। साइबर अपराध, नक्सलवाद, संगठित अपराध और अंतरराज्यीय अपराधों को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई और रियल-टाइम डेटा साझा करने की नीति को और प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के साथ सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
पुलिस प्रशासन में तकनीक का विस्तार
सम्मेलन के दौरान पुलिस प्रशासन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर भी विशेष सत्र रखा गया। अपराध निगरानी नेटवर्क (CCTNS), ड्रोन निगरानी, फॉरेंसिक तकनीक, 5G आधारित निगरानी सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने माना कि तकनीकी साधनों के विस्तार से न केवल अपराधों की रोकथाम होगी, बल्कि जांच प्रक्रिया भी और अधिक तेज़ व पारदर्शी बनेगी।
जनहित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग
सम्मेलन में नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कई सुझाव सामने आए। पुलिस स्टेशनों में बेहतर व्यवहार, शिकायतों के त्वरित समाधान और हेल्पलाइन सेवाओं को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। यह भी तय किया गया कि सभी राज्यों में पुलिस कर्मियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भविष्य की रणनीति और सहयोग
सम्मेलन में राज्यों के सुरक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाने, संयुक्त अभ्यास आयोजित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर एकीकृत रणनीति अपनाने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए। स्मार्ट पुलिसिंग, उत्तरदायी प्रशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि भविष्य में भी ऐसे सम्मेलन देश की सुरक्षा नीति में निरंतर सुधार का आधार बनने चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और प्रारंभिक आधिकारिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। सम्मेलन की विस्तृत जानकारी, आधिकारिक दस्तावेज और सटीक निर्णय संबंधित विभागों द्वारा जारी अधिसूचनाओं पर आधारित होंगे। पाठकों से अनुरोध है कि नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल या सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों का संदर्भ लें।











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