10 दिसंबर 2025 | लेखक: Ajay Verma
देश के कई राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 दिसंबर के बाद प्रदेश में ठंड तेज़ होने, कोहरे की स्थिति विकसित होने और कुछ इलाकों में ओला-वृष्टि तथा वज्रपात की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी है।

क्यों बढ़ रही है ठंड?
IMD के अनुसार, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली शुष्क एवं ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। यह ठंड 10 दिसंबर के बाद और अधिक बढ़ सकती है। न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट की संभावना है, जिससे सुबह और देर रात ठिठुरन बढ़ेगी।
कोहरे और दृश्यता की समस्या
मौसम मॉडल के आधार पर अनुमान है कि रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, दुर्ग और आसपास के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छा सकता है। इससे सड़क परिवहन, रेलगाड़ियों की समय-सारिणी और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। वाहन चालकों को कम दृश्यता के दौरान धीमी गति, लो-बीम हेडलाइट और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
ओला-वृष्टि और वज्रपात की चेतावनी
प्रदेश के उत्तरी और मध्य भागों में बादल बन सकते हैं, जिससे हल्की बारिश और ओला-वृष्टि की गतिविधि दिखाई दे सकती है। कई स्थानों पर वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) की भी चेतावनी जारी की गई है। ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह है कि मौसम खराब होने पर पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और बचाव
तेजी से गिरते तापमान का प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर अधिक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी और निमोनिया का जोखिम बढ़ जाता है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और ठंडी हवा से बचाव के उपायों का पालन करने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए चेतावनी
ओला-वृष्टि और तापमान में गिरावट के कारण रबी फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी फसलें नुकसान झेल सकती हैं। IMD ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों को ढकने के लिए तिरपाल या अन्य सामग्री तैयार रखें और खेतों में अनावश्यक समय न बिताएँ।
आगामी दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 3–4 दिनों तक ठंड का असर बढ़ता रहेगा। कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति भी बन सकती है। 12 से 15 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है, लेकिन रात का तापमान फिर भी कम रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख IMD की सार्वजनिक मौसम चेतावनी और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। ताज़ा और सटीक जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय मौसम केंद्र की सलाह देखें। मौसम परिस्थितियाँ अचानक बदल सकती हैं, इसलिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों का पालन आवश्यक है।











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