दिनांक: 17 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी हजारों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नगर प्रशासन विभाग ने स्वच्छता दीदियों के मानदेय भुगतान के लिए 93.60 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से प्रदेशभर में कार्यरत स्वच्छता दीदियों को अगले वर्ष तक नियमित मानदेय मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

स्वच्छता दीदियों की अहम भूमिका
स्वच्छता दीदियां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना जैसे कार्य स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जाते हैं। उनकी मेहनत के कारण ही कई शहरों और निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल की है।
मानदेय भुगतान को लेकर लंबे समय से मांग
स्वच्छता दीदियों द्वारा लंबे समय से मानदेय के नियमित भुगतान की मांग की जा रही थी। कई जगहों पर भुगतान में देरी और अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। इस कारण स्वच्छता दीदियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। नगर प्रशासन विभाग के इस फैसले को उनकी मांगों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
93.60 करोड़ की राशि से क्या होगा
मंजूर की गई 93.60 करोड़ रुपये की राशि से स्वच्छता दीदियों को 30 सितंबर 2026 तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इस फंड का उपयोग नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों के वेतन भुगतान के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय निकायों पर आर्थिक दबाव भी कम होगा।
सरकार और विभाग का पक्ष
नगर प्रशासन विभाग का कहना है कि स्वच्छता दीदियों का योगदान अमूल्य है और उनके मानदेय में किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि स्वच्छता से जुड़े कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय पर पारिश्रमिक मिले, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने कार्य को अंजाम दे सकें।
स्वच्छता दीदियों में खुशी का माहौल
इस फैसले के बाद स्वच्छता दीदियों में खुशी और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है। कई स्वच्छता दीदियों ने कहा कि मानदेय की सुनिश्चित व्यवस्था होने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी। साथ ही इससे कार्य के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।
आगे की उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानदेय के साथ-साथ स्वच्छता दीदियों को सामाजिक सुरक्षा, बीमा और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जाएं, तो स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकती है। आने वाले समय में सरकार से इस दिशा में और फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
Disclaimer:
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। मानदेय राशि, भुगतान अवधि और योजना से संबंधित अंतिम व आधिकारिक जानकारी नगर प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशों पर ही निर्भर करेगी। पाठक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।











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