छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा

दिनांक: 21 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ में दिसंबर के तीसरे सप्ताह से ठंड ने अपना पूरा असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है और कई जिलों में यह 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। उत्तर छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग, विशेषकर अंबिकापुर, इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र बना हुआ है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

अंबिकापुर सबसे ठंडा इलाका

मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं और खुले वातावरण के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। वहीं शहरों में भी सुबह-सुबह सड़कों पर कम आवाजाही देखने को मिल रही है।

घने कोहरे से यातायात प्रभावित

प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिसके कारण वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।

स्कूल और आम जनजीवन पर असर

ठंड और कोहरे का असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण अभिभावक बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही घर से बाहर भेज रहे हैं। कुछ जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक ठंड के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट हो सकती है। सुबह और रात के समय कोहरा बने रहने की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से बचने और सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर अब पूरी तरह महसूस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, ऐसे में सतर्क रहना और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई मौसम संबंधी जानकारी विभिन्न स्रोतों और सामान्य अनुमानों पर आधारित है। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक मौसम विभाग या संबंधित प्राधिकरण की वेबसाइट एवं सूचनाओं पर भरोसा करें।

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