तारीख: 26 दिसंबर 2025
लेखक: अजय वर्मा
राज्यभर में बढ़ी ठंड से जनजीवन प्रभावित
छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड के कारण आम जनजीवन के साथ-साथ दैनिक कार्यों पर भी असर देखने को मिल रहा है।

शीतलहर का अलर्ट, तापमान और गिर सकता है
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, बिलासपुर और रायपुर संभाग के कुछ हिस्सों में ठंडी हवाओं का असर अधिक रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता भी कम हो रही है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा ठंड का असर
लगातार बढ़ती ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर देखा जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलग-अलग हालात
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर अपेक्षाकृत ज्यादा देखा जा रहा है। खुले इलाकों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को सुबह-सुबह ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में लोग हीटर, अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। कई स्थानों पर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन की तैयारी और अपील
ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निकाय अलर्ट मोड पर हैं। जरूरतमंदों को कंबल वितरण, रैन बसेरों की व्यवस्था और अलाव जलाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड के मौसम में सतर्क रहें, बेवजह देर रात बाहर न निकलें और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिनों तक ठंड का प्रकोप बना रह सकता है। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन रातें बेहद ठंडी रहेंगी। फिलहाल राज्यवासियों को ठंड से राहत के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों और सार्वजनिक समाचार स्रोतों पर आधारित है। मौसम संबंधी परिस्थितियां समय-समय पर बदल सकती हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।











Leave a Reply