प्रियंका गांधी पर भाजपा का तीखा हमला, ‘फीमेल गाज़िनी’ टिप्पणी से गरमाई राजनीति

प्रियंका गांधी पर भाजपा का तीखा हमला, ‘फीमेल गाज़िनी’ टिप्पणी से गरमाई राजनीति

दिनांक: 25 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘भारतीय राजनीति की फीमेल गाज़िनी’ कहा है। यह टिप्पणी उस समय आई जब प्रियंका गांधी ने गाज़ा की स्थिति को लेकर बयान दिया था। इस बयान के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में गाज़ा की मौजूदा परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण से स्थिति पर चिंता व्यक्त की और शांति की अपील की। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान विरोधाभासी हैं और वे समय-समय पर अपने रुख बदलती रहती हैं।

‘फीमेल गाज़िनी’ टिप्पणी का संदर्भ

भाजपा की ओर से की गई ‘फीमेल गाज़िनी’ टिप्पणी का आशय यह बताया गया कि प्रियंका गांधी अपने पूर्व बयानों को भूल जाती हैं और बदलते राजनीतिक संदर्भ में अलग-अलग रुख अपनाती हैं। हालांकि कांग्रेस ने इस टिप्पणी को असम्मानजनक और अनुचित करार दिया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के इस हमले को राजनीतिक स्तर गिराने वाला बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण से राय रखना लोकतांत्रिक अधिकार है। पार्टी ने कहा कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए व्यक्तिगत हमले कर रही है।

राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर

आगामी चुनावों और राष्ट्रीय मुद्दों के बीच राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर नेताओं की टिप्पणियां भी घरेलू राजनीति का हिस्सा बन जाती हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और समाचार मंचों पर यह मुद्दा व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे की स्थिति

फिलहाल दोनों दल अपने-अपने रुख पर कायम हैं। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल में समर्थकों को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार स्रोतों और राजनीतिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें उल्लिखित टिप्पणियां संबंधित नेताओं के वक्तव्यों पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस लेख में नहीं की गई है। आधिकारिक और विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित दलों या विश्वसनीय समाचार स्रोतों का संदर्भ अवश्य लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *