फिल्म ‘शतक’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स-फ्री घोषित

फिल्म ‘शतक’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स-फ्री घोषित

दिनांक: 27 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरएसएस की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘शतक’ को राज्य में टैक्स-फ्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह फिल्म देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक यात्रा को दर्शाती है, इसलिए इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

सरकार का आधिकारिक ऐलान

मुख्यमंत्री ने बताया कि फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना से लेकर उसके सौ वर्ष के सफर को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ऐतिहासिक और वैचारिक फिल्मों को प्रोत्साहन देना आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी देश के सामाजिक संगठनों और उनके योगदान के बारे में जान सके।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में यह फिल्म टैक्स-फ्री दर पर प्रदर्शित होगी। इससे दर्शकों को टिकट की कीमतों में राहत मिलेगी और फिल्म देखने वालों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।

क्या होता है टैक्स-फ्री का मतलब?

जब किसी फिल्म को टैक्स-फ्री घोषित किया जाता है, तो उस पर राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले मनोरंजन कर या जीएसटी के हिस्से में छूट दी जाती है। इससे टिकट की कीमत कम हो जाती है और दर्शकों को आर्थिक रूप से लाभ मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स-फ्री दर्जा मिलने से फिल्म की पहुंच ग्रामीण और छोटे शहरों तक बढ़ती है। साथ ही, यह फिल्म के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने में मददगार साबित होता है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

फिल्म ‘शतक’ को टैक्स-फ्री किए जाने के निर्णय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि यह निर्णय सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत को सम्मान देने वाला कदम है, जबकि विपक्ष के कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से लिया गया फैसला बताया है।

हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह से फिल्म की विषयवस्तु और उसके ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

फिल्म की विषयवस्तु और उद्देश्य

फिल्म ‘शतक’ में आरएसएस की स्थापना, उसके प्रमुख पड़ाव, सामाजिक कार्यों और संगठनात्मक विस्तार को दर्शाया गया है। फिल्म में विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों को भी शामिल किया गया है, जिनका संगठन के विकास में योगदान रहा है।

निर्माताओं का दावा है कि फिल्म तथ्यों और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि इतिहास के एक अध्याय को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना है।

प्रदेश में सिनेमा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के फैसले से प्रदेश के सिनेमा हॉल संचालकों को भी लाभ मिलेगा। टैक्स-फ्री होने से दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में सुधार की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक फिल्मों को बढ़ावा देने से समाज में जागरूकता बढ़ती है और सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहन मिलता है।

फिलहाल फिल्म ‘शतक’ राज्यभर के प्रमुख सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा रही है और टैक्स-फ्री होने के बाद इसकी लोकप्रियता में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।


Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर तैयार किया गया है। लेख का उद्देश्य केवल समाचार प्रदान करना है। किसी भी प्रकार की राजनीतिक या वैचारिक टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

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