दिनांक: 27 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जंगलों से निकलकर मध्यप्रदेश में प्रवेश करने वाले जंगली हाथियों के कारण पिछले छह वर्षों में 11 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। यह जानकारी मध्यप्रदेश विधानसभा में सरकार की ओर से दी गई, जिसके बाद दोनों राज्यों में मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

विधानसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी
विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में संबंधित विभाग ने बताया कि वर्ष 2020 से 2026 के बीच हाथियों के हमलों में 11 लोगों की जान गई है। अधिकारियों के अनुसार, ये हाथी छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों से निकलकर मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पहुंचते रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान की गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की वजह
वन विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन और पानी की कमी, साथ ही आवासीय क्षेत्रों का विस्तार, हाथियों के मानव बस्तियों की ओर आने का प्रमुख कारण है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
कई बार हाथियों के झुंड फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे ग्रामीणों में डर और आक्रोश की स्थिति बन जाती है। ऐसे में टकराव की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
सरकार की कार्ययोजना
दोनों राज्यों के वन विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट सिस्टम, ग्रामीणों को जागरूक करने के अभियान और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा, हाथियों के प्राकृतिक मार्ग (कॉरिडोर) को सुरक्षित रखने और अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वे आबादी वाले इलाकों में प्रवेश न करें।
ग्रामीणों की चिंता
सीमावर्ती गांवों के लोगों का कहना है कि रात के समय हाथियों का अचानक गांवों में पहुंचना बड़ी समस्या बन गया है। किसान अपनी फसलों और जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए वन क्षेत्र संरक्षण, जल स्रोतों का विकास और वन्यजीव प्रबंधन की समग्र नीति आवश्यक है।
Disclaimer: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और विधानसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक दस्तावेजों और विभागीय अपडेट की पुष्टि अवश्य करें।















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