आज का पंचांग – 27 फरवरी 2026

आज का पंचांग – 27 फरवरी 2026

दिनांक: 27 फरवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा

आज शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, वार, नक्षत्र और योग को ध्यान में रखकर शुभ कार्यों की योजना बनाई जाती है। नीचे प्रस्तुत है आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी।

आज की तिथि और वार

वार: शुक्रवार
तिथि: फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष (तिथि स्थान विशेष के अनुसार बदल सकती है)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: फाल्गुन
संवत: विक्रम संवत 2082 (अनुसार)

नक्षत्र, योग और करण

नक्षत्र: (प्रातःकालीन गणना के अनुसार) — स्थान के अनुसार परिवर्तन संभव
योग: शुभ योग
करण: बव/बालव (समय के अनुसार परिवर्तनशील)

नक्षत्र और योग का प्रभाव व्यक्ति के दैनिक कार्यों, यात्रा, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों पर पड़ता है। अतः महत्वपूर्ण कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देखना चाहिए।

आज का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:10 बजे से 12:55 बजे तक (स्थानानुसार अंतर संभव)
अमृत काल: प्रातः एवं सायंकालीन समय (स्थानीय पंचांग अनुसार देखें)
विजय मुहूर्त: अपराह्न समय में शुभ कार्यों हेतु उपयुक्त

आज विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय प्रारंभ, वाहन खरीद या निवेश जैसे कार्य शुभ मुहूर्त में किए जा सकते हैं।

राहुकाल और अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः लगभग 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
यमगंड: दोपहर बाद का समय (स्थान अनुसार भिन्न)
गुलिक काल: सुबह का एक भाग (स्थानीय गणना देखें)

राहुकाल के दौरान नए या महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए। हालांकि नियमित कार्य किए जा सकते हैं।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सूर्योदय: लगभग 6:30 बजे
सूर्यास्त: लगभग 6:05 बजे
(समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है)

धार्मिक महत्व

फाल्गुन मास का शुक्ल पक्ष विशेष रूप से पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की आराधना के लिए उत्तम होता है। आज के दिन व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है। नए कार्यों की शुरुआत से पहले गणेश पूजन और लक्ष्मी पूजन करना लाभकारी रहेगा।


Disclaimer: यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न स्थानों के अनुसार तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त के समय में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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